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गौण और प्रतिनिधि द्रव्य

अगर आप कोई नुक्सा तैयार करने की सोच रहे हैं या तैयार कर रहे हैं और उस नुक्से में 8-10 दवाइयां मौजूद है और अगर आपको पता चले की इनमें से दो दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं या फिर वह बहुत ज्यादा महंगी है जो बजट के बाहर है या कोई अन्य कारणों से आप उस दवा को उस जड़ी-बूटी को ले नहीं पा रहे तो क्या आप उस नुक्से को कंप्लीट कर पाएंगे आज हम आपको इन्हीं के बारे में बताने वाले हैं अगर आपके पास कोई नुक्से में या योग में कोई दवा कम रह जाए तो उसकी जगह क्या प्रयोग करें ।।
जानिए नुक्से में अगर कोई  दवाई या जडीबुटी की कमी रह जाए तो उस नुख्से को कैसे पूरा करेंगे आज मैं आपसे इसी बारे में बात करूंगा दोस्तों हमने कभी ना कभी तो आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल किया ही होगा बहुत सारी दवाई या जडीबुटी का मिश्रण नुक्सा कहलाता है नुक्से में अगर कोई दवाई या जडीबुटी  नहीं मिल रही या हो सकता है वह बहुत महंगी हो तो हम क्या करेंगे हम उस नुक्से को छोड़ देते हैं आज मैं आपको बताऊंगा अगर किसी भी नुक्से में अगर एसी कोई  जडीबुटी लिखी है जो हमारे बजट या पहुंच से बाहर है तो उसकि कमी को हम कैसे पूरा करेंगे
https://youtu.be/M7gnue1a4Eo
 इस वीडियो में हमने इन सभी औषधियों केे बारे बताया है आप Houch touch चैनल पर और भी बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं  और ज्यादा जानकारी के लिए यूट्यूब पर जाएं  और चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए 

गिलोय के अनगिनत लाभ

1-गिलोय पुरानी पैत्तिक और रक्तविकार वाले बुखारों का ठीक कर सकती है। यह खांसी, पीलिया, उल्टी और बेहोशीपन को दूर करने के लिए लाभकारी है। यह कफ को छांटता है। धातु को पुष्ट करता है। भूख को खोलता है।


 वीर्य को पैदा करता है तथा उसे गाढा करता है, यह मल का अवरोध करती है तथा दिल को बलवान बनाती है। 
2-घी के साथ गिलोया का सेवन करने से वात रोग नष्ट होता है। 
3-गुड़ के साथ गिलोय का सेवन करने से कब्ज दूर होती है। 
4-शहद के साथ गिलोय का सेवन करने से कफ की शिकायत दूर होती है। 
5-यह जड़ी (वनस्पति) जादू कि सी चीज है , पुरे शारीर के जाने अनजाने रोगों के लिए राम बाण कि तरह है 
6-गिलोय बुखार को दूर करने की सबसे अच्छी औषधि मानी जाती है। 
7-यह सभी प्रकार के बुखार जैसे टायफाइड (मियादी बुखार), मलेरिया, मंद ज्वर तथा जीर्ण ज्वर (पुराने बुखार) आदि के लिए बहुत ही उत्तम औषधि है।

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